जाने गर्भपात की दवाई के बारे में, कैसे प्रयोग करें, फायदे,नुकसान विस्तार से | Abortion pills benefit, how to use, side effect in Hindi

Abortion pills : किसी नवयुगल दंपत्ति के लिए शायद सबसे ज्यादा खुसी का पल वह होता है जब उन्हें पता चलता है की उनके जीवन में एक नया मेहमान कदम रखने वाला है | लेकिन किसी अविवाहित महिला के लिए यह एक अभिशाप से कम नहीं होता, अगर किसी कारणवस वो गर्भधारण (Pregnent) कर लेती है तो उस गर्भ को गिराने (abortion) के लिए तरह – तरह के उपाय खोजती है |

हमारे देश में आज भी सेक्स शिक्षा की कमी के कारण बहुत से ऐसी समस्याएँ देखने को मिलती है , हालाकिं बिना चाहे गर्भ को रोकने के लिए बाज़ार में बहुत सी दवाएं उपलब्ध है लेकिन फिर भी अगर किसी कारणवस गर्भ ठहर जाए तो उससे मुक्ति के उपाय के बारे में आपको जानकारी होनी चाहिए, आइये इस पोस्ट के माध्यम से जानते हैं |

गर्भपात की गोली के फायदे (abortion pills benefit)

abortion pills
abortion pills

कुछ महिलाएं गर्भा से छुटकारा पाने के लिए दवाओं का इस्तेमाल करना पसंद करती हैं, क्योंकि इसे लेना बड़ा ही आसन होता है और ये दवाएं डॉक्टर की सलाह से घर में ही ली जा सकती हैं |

अधिकतर देखा गया है  इसमें अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ती |

अबॉर्शन पिल्स (Abortion pills) लेने के फायदे

इसका उपयोग प्रारंभिक गर्भावस्था में किया जा सकता है. इसे घर में इस्तेमाल किया जा सकता है |

इसके लिए अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ती, साथ ही इसके लिए किसी भी प्रकार के सर्जरी या एनेस्थीसिया की जरूरत नहीं होती. यह पूरी तरह से प्राकृतिक गर्भपात की तरह अधिक स्वाभाविक लगता है. सर्जिकल गर्भपात की तुलना में इसमें कम जोखिम होता है |

गर्भपात की दवा का प्रयोग (abortion pills how to use)

अबॉर्शन पिल्स का सही तरीके से उपयोग कैसे किया जाना चाहिए इसके बारे में जानकारी होना अति आवश्यक है | इसका उपयोग पहली तिमाही में किया जाता है और इसमें मुख्य रूप से मिफेप्रिस्टोन, मिसोप्रोस्टोल और कभी-कभी मेथोट्रेक्सेट नामक दवाओं का उपयोग किया जाता है |

मिफेप्रिस्टोन, अबॉर्शन पिल्स (Abortion pills) की सबसे लोकप्रिय दावा है | इस दावा के लेने के बाद 36 से 48 घंटे बाद दूसरी दावा मिसोप्रोस्टोल दी जाती है |

इन दवाओ को use करने के दो तरीके है इन्हें मुख द्वारा लिया जा सकता है और दुसरे तरीके में इसे योनी में रखा जा सकता है | मिसोप्रोस्टोल या अन्य प्रोस्टाग्लैंडीन दावा को या तो मौखिक रूप से गोलियों के रूप में दिया जा सकता है या योनि में रखा जा सकता है |

मुंह के द्वारा ली गई गोली की तुलना में अंतर्गर्भाशयी मार्ग (योनी मार्ग) अधिक प्रभावी पाया गया है और इसके साइड इफेक्ट भी कम होते हैं |

यदि आप अंतिम मासिक धर्म के 63 दिन के अन्दर तक ये दोनों दवाएं ले लेते है तो लगभग 95% मामलों में पूर्ण गर्भपात हो जाता है. मिसोप्रोस्टोल के साथ मेथोट्रेक्सेट के संयोजन की सफलता दर भी अच्छी है. मेथोट्रेक्सेट देने के एक सप्ताह बाद मिसोप्रोस्टोल दवा दी जाती है |

गर्भपात के लिए अबॉर्शन किट्स का इस्तेमाल (how to use abortion kit)

7 हफ्ते या 49 दिन के अंदर की प्रेगनेंसी को खत्म करने के लिए इन abortion kit का इस्तेमाल किया जा सकता है | बाज़ार में कई तरह की अबॉर्शन किट्स उपलब्ध हैं |

आखिरी माहवारी के पहले दिन से गिनती करके चिकित्सक पता लगा लेते हैं कि प्रेगनेंसी को कितने दिन हुए हैं | यह किट आपको बाज़ार में मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल जायेगा | बाज़ार में अलग-अलग कंपनियों के abortion kit अलग-अलग नामों से बिकते हैं जैसे – खुशी एमटीपी किट, एमटीपी किट, अनवांटेड किट, ए-केयर इत्यादि |

किसी भी प्रकार की abortion kit का इस्तेमाल सिर्फ चिकित्सक की देखरेख में ही किया जाना चाहिए. किट के इस्तेमाल के पहले चिकित्सक अल्ट्रासाउन्ड के द्वारा यह पता करने का प्रयास करते हैं कि भ्रूण फलोपियन ट्यूब से गुजरकर गर्भाशय (बच्चेदानी) में आ चुका है या नहीं |

अल्ट्रासाउन्ड करवाने का एक और फायदा यह है कि इससे भ्रूण की सही उम्र की जानकारी हो जाती है और चिकित्सक सुनिश्चित कर पाते हैं कि भ्रूण 7 हफ्त से कम उम्र का है या नहीं |

प्रायः सभी तरह के abortion kit में दो दवाओं मिफेप्रिस्टोन और मिसोप्रोस्टोल का प्रयोग किया जाता है | एक अबॉर्शन किट में मिफेप्रिस्टोन की एक 200 माइक्रोग्राम की गोली और मिसोप्रोस्टोल की 4 गोलियां मौजूद होती हैं और इनमें से हर गोली 200 माइक्रोग्राम की होती है |

इसमें से मिफेप्रिस्टोन की गोली का काम गर्भपात करना है, जबकि दूसरी गोली मिसोप्रोस्टोल बच्चेदानी में संकुचन पैदा करती हैं, जिससे भ्रूण बच्चेदानी से आसानी से बाहर आ सके |

पहले दिन सुबह 7 बजे कोई पेय पदार्थ जैसे चाय या किसी फल का जूस लेने के बाद, सुबह 9 बजे मिफेप्रिस्टोन की एक गोली खानी होती है. इससे आपको थोरी असहजता महसूस होगी, आपके पेट के निचले हिस्से में हल्का दर्द हो सकता है |

दूसरे दिन आपको किसी भी दवा का प्रयोग नहीं करना है, तीसरे दिन सुबह 7 बजे चाय या जूस लेने के बाद सुबह 9 बजे मिसोप्रोस्टोल की दो गोलियां एक साथ थोड़े से पानी के साथ खानी होती हैं |

इसके असर के रूप में आपको हल्की ब्लीडिंग और दर्द भी हो सकता है, ओके बाद आपको दोपहर 1 बजे फिर से थोड़े पानी के साथ मिसोप्रोस्टोल की बाकी की दो बची हुई गोलियां खा लेनी हैं |

अबॉर्शन की गोली खाने के नुकसान (abortion pills side effects)

अबॉर्शन की गोली का प्रयोग लोगों को मज़बूरी में करना पड़ता है इससे गर्भपात तो हो जाता है लेकिन आपको इसके नुक्सान भी झेलने पड़ते हैं, अलग- अलग मरीजो में ये लक्षण कम या ज्यादा हो सकते हैं, आइये जानते हैं abortion tablet से होने वाले नुक्सान के बारें में –

 अबॉर्शन पिल्स लेने के बाद अक्सर योनि से रक्तस्राव, उल्टी, दस्त, पेट में ऐंठन इत्यादि जैसी समस्याए देखने को मिलती हैं | – ज्यादातर गर्भपात की गोलियों सेवन से होने वाला रक्तस्राव मासिक धर्म के दौरान होने वाले रक्तस्राव से अधिक होता है ज्यादातर केस में यह 6-10 दिन रहता है और कभी –कभी इसकी अवधि 30 दिन से अधिक समय तक देखी जाती है |

शुरुवाती समय में आपको रक्तस्राव के दौरान बड़े थक्के मौजूद हो सकते हैं. यदि महिला द्वारा लगातार 2 घंटे तक 2 मोटे सैनिटरी पैड प्रति घंटे भीग जाए तो यह अधिक रक्तस्राव की श्रेणी में आएगा , लगातार अत्यधिक रक्तस्राव होने से चक्कर भी आ सकता है और खून की कमी हो सकती है, इस लिए इस समय विशेष सावधानी की आवश्यकता है |

आमतौर पर अबॉर्शन किट के उपयोग के बाद 6-10 दिन तक की अवधि तक रक्तस्राव (bleeding) जरूर रहनी चाहिए. यदि यह अवधि 6 दिन से कम और 10 दिन से ज्यादा हो, तो किसी कुशल चिकत्सक  से जरूर मिलना चाहिए |

संक्रमण के रूप में आमतौर पर पाया गया है मिसोप्रोस्टोल लेने वाले कई महिलाओं में बैक्टीरियल इन्फेक्शन हो सकता है. साथ ही तेज बुखार, पेट या पेल्विक दर्द के साथ-साथ जी मिचालना , उल्टी, दस्त या कमजोरी जैसे लक्षण देखे को मिलते हैं | इन संक्रमण के उपचार के लिए आमतौर पर एंटीबायोटिक्स  जैसी दवाओं  का इस्तेमाल किया जा सकता है |

अधुरा गर्भपात

कभी – कभी देखा गया है कुछ मरीजो में अधूरे गर्भपात की समस्या आती है अधूरा गर्भपात के के मामलों में गर्भपात के दौरान कुछ भाग गर्भाशय में रह सकते हैं. इसके परिणामस्वरूप लगातार रक्तस्राव होता रहता है |  एक पूर्ण गर्भपात की पुष्टि के लिए सही जांच, अल्ट्रासाउंड इत्यादि की आवश्यकता पड़ सकती है |

 पेट में दर्द

गर्भपात के बाद अकसर पेट में दर्द की समस्या आती है यह समस्या आमतौर पर गर्भाशय के संकुचन के कारण होता है. ऐसी स्थिति में दर्द को कम करने के लिए दर्द निवारक दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है |

कुछ लोग जल्दी में एस्प्रिन tablet का उपयोग कर लेते है लेकिन ऐसे समय में एस्पिरिन का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह दवाई रक्त को पतला करती है जिस कारण  और अधिक रक्तस्राव हो सकता है |

कभी- कभी देखा गया है कि मौखिक दवाओं के बाद भी गर्भपात नहीं होता है, तो ऐसी स्थिति में सर्जिकल गर्भपात आवश्यक है. एक बार जब आप दवाओं को लेना शुरू कर देते हैं, तो उन्हें रोकना सुरक्षित नहीं होता है. ऐसा करने से गंभीर परिणाम हो सकते हैं और अत्यधिक खतरा पैदा हो सकता है |

जब समस्याएँ ज्यादा बड़ी नजर आने लगे, और कुछ हल न मिल रहा हो तो ऐसी स्थिति में  चिकित्सक से जरूर मिल लें.

डिस्क्लेमर: इस पोस्ट में दी गई जानकारी केवल आपने जानकारी के लिए दी गयी है गर्भपात जैसी समस्याओं के लिए कृपया किसी कुशल चिकित्सक की सलाह अवस्य लें |

Leave a Comment

Buy grocery online huge discount Best Summer clothes for women online Business Idea Gulkhaira Farming: 10,000 रुपये क्विंटल बिकता है यह पौधा, करें खेती होगी जबरदस्त कमाई IPL news: Jos Buttler और chehel की बदोलत राजस्थान ने KKR को हराया Mother’s Day: मदर्स दे कोट्स हिंदी में | Mothers Day Quotes in Hindi
Buy grocery online huge discount Best Summer clothes for women online Business Idea Gulkhaira Farming: 10,000 रुपये क्विंटल बिकता है यह पौधा, करें खेती होगी जबरदस्त कमाई IPL news: Jos Buttler और chehel की बदोलत राजस्थान ने KKR को हराया Mother’s Day: मदर्स दे कोट्स हिंदी में | Mothers Day Quotes in Hindi