क्या आप गुलखैराके पौधे के बारे में जानते हैं, यह बाज़ार में 10000 रूपये किलो बिकता है 

दरअसल इस पौधे का प्रयोग अलग- अलग प्रकार के दवाओं को बनाने में किया जाता है इसलिए यह पौधा इतना मंहगा बिकता है 

इस पौधे के जड़, तना, पत्तियां बीज सबकुछ बाजार में बिक जाते हैं औसतन 1 बीघे में 5 क्विंटल तक गुलखेरा का पौधा निकलता है  

इस पौधे से आप 1 बीघे में 50- 60 हज़ार आसानी से कमाए जा सकते है 

गुलखैरा के फसल की खासियत यह है कि एक बार बुवाई करने के बाद दूसरी बार बाजार से बीज नहीं खरीदना पड़ता है। इन्हीं फसलों के बीज का प्रयोग दोबारा बुवाई की जा सकती है

गुलखैरा की बुवाई नवंबर महीने में की जाती है। फसल अप्रैल-मई महीने में तैयार हो जाती है

फसल तैयार होने के बाद अप्रैल-मई के महीने में पौधों की पत्तियां और तना सूखकर खेत में ही गिर जाते हैं। जिसे बाद में इकट्ठा कर लिया जाता है

यूनानी दवाओं को बनाने में गुलखैरा के फूल, पत्तियों और तने का इस्तेमाल किया जाता है साथ ही इसके फूलों का प्रयोग मर्दाना ताकत वाली दवाओं को बनाने में किया जाता है 

इसके अलावे गुलखेरा के फूल बुखार, खांसी और अन्य कई रोगों में भी लाभदायक है 

पाकिस्तान और अफगानिस्तान  में इसकी सबसे ज्यादा खेती की जाती है अब भारत में भी धीरे- धीरे लोग इसकी खेती कर रहे है 

उत्तर प्रदेश में कई जिले जैसे कन्नौज, हरदोई, उन्नाव इत्यादि के किसान इसकी पैदावार कर रहे हैं और अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं